यहाँ बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित भारत के राष्ट्रीय गीत **”वन्दे मातरम्”** का मूल संस्कृत पाठ हिंदी (देवनागरी लिपि) में दिया गया है:
## वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्!
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्।
वन्दे मातरम्!
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम्‌।
वन्दे मातरम्!
### संक्षिप्त भावार्थ
> “हे माता, मैं आपकी वंदना करता हूँ। आप सुंदर जल वाली, मीठे फलों वाली, दक्षिण की मलय पवन से शीतल रहने वाली और फसलों (धान्य) के कारण सुंदर हरी-भरी आभा वाली हैं। आपकी रातें श्वेत चांदनी से आनंदित होती हैं, आप खिले हुए फूलों और घने वृक्षों से सुशोभित हैं। आप सुंदर मुस्कान वाली, मधुर वाणी वाली, और सुख तथा वरदान देने वाली माता हैं। मैं आपकी वंदना करता हूँ।”
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